पीड़िता के अनुसार, यह सिलसिला तब शुरू हुआ जब वह प्रतिदिन सुबह आठ बजे कॉलेज के लिए घर से निकलती थी। रास्ते में युवक उस पर अश्लील टिप्पणियां करता था, जिससे वह असहज महसूस करती थी। लगभग दो महीने पहले, जब पीड़िता कॉलेज के लिए जा रही थी, तो युवक ने उसे पकड़ लिया और अश्लील हरकतें करने लगा। किसी तरह वह भागकर घर पहुंची और अपनी मां को इस घटना के बारे में बताया।
मां ने जब आरोपी के परिवार से शिकायत की, तो स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि आरोपी के परिजनों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और गाली-गलौज की। इस घटना के बाद आरोपी का हौसला और बढ़ गया, और उसने पीड़िता को और अधिक परेशान करना शुरू कर दिया।
शनिवार की सुबह, जब पीड़िता फिर से कॉलेज के लिए निकली, तो आरोपी ने उसे जबरन अपने घर में खींच लिया और दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट भी की गई। जैसे-तैसे वह अपनी जान बचाकर घर भागी और अपनी मां को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद पीड़िता और उसकी मां आरोपी के घर शिकायत करने गईं, लेकिन आरोप है कि आरोपी और उसके परिवार वालों ने उनके साथ मारपीट की, उन पर पत्थर फेंके और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसआई मोहनलाल को इस मामले की जांच सौंपी गई है। यह घटना समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करती है और हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल कैसे बना सकते हैं।