दुर्घटना में एक ही परिवार की तीन महिलाओं समेत चार लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इसके अतिरिक्त, चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका लाडनू के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बोलेरो गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी और मृतकों के शव उसमें बुरी तरह फंसे हुए थे। लाडनू पुलिस और ‘हारे का सहारा’ टीम के सदस्यों ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लगभग डेढ़ घंटे की अथक प्रयास के बाद, मृतकों के शवों को गाड़ी से बाहर निकाला जा सका। शवों को फिलहाल लाडनू के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, मृतकों की पहचान श्रीडूंगरगढ़ के मोमासर गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ये सभी जांगीड़ परिवार के सदस्य थे और परिवार में किसी की मृत्यु हो जाने के बाद, पुष्कर में स्नान करने के लिए जा रहे थे।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है और हमें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करती है।